जीतते तो सिर्फ तुम और चुने हार हम फिर ये कैसे प्यार हम ? जीतते तो सिर्फ तुम और चुने हार हम फिर ये कैसे प्यार हम ?
कोई नहीं मिला रास्ता बांह पकड़ कर मेरी मुझको रास्ता दिखाती मां। कोई नहीं मिला रास्ता बांह पकड़ कर मेरी मुझको रास्ता दिखाती मां।
लगभग तीन दिनों में उसने कम से कम तेरह बार मेरे पैर छुए। लगभग तीन दिनों में उसने कम से कम तेरह बार मेरे पैर छुए।
जिस तरफ जाऊँ पाऊँ बस तुझको एक खुशबू सा चार सू हो जा जिस तरफ जाऊँ पाऊँ बस तुझको एक खुशबू सा चार सू हो जा
वो हमें याद करतें हैं इसे तुम प्यार मत समझोबात तो ये है कि उनकी उधारी बाकी है हमपे वो हमें याद करतें हैं इसे तुम प्यार मत समझोबात तो ये है कि उनकी उधारी बाकी है हम...
मैं जब नम सी निगाहों से देखता हूँ तुझेयार कुछ तो तेरा दिल भी पिघलता होगा मैं जब नम सी निगाहों से देखता हूँ तुझेयार कुछ तो तेरा दिल भी पिघलता होगा